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"संस्कार शाला : एक नवीन शिक्षायात्रा का आरंभ"

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"ई-पत्रिका 'संस्कार शाला' का विमोचन :  जहाँ शिक्षा और संस्कृति एक साथ आगे बढ़ते हैं" आज हमारे विद्यालय में एक नया अध्याय प्रारंभ हो रहा है — "संस्कार शाला" नामक ई-पत्रिका का आधिकारिक विमोचन। यह पत्रिका केवल लेखों का संग्रह नहीं, बल्कि उस चेतना का प्रतीक है जिसमें विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों, मूल्यों और सांस्कृतिक जागरण का केंद्र बनता है। "संस्कार शाला" के माध्यम से विद्यार्थी अपनी रचनात्मक प्रतिभा को साझा करेंगे, शिक्षक अपने मार्गदर्शन को शब्दों में पिरोएंगे, और अभिभावक हमारे प्रयासों को समीप से जान पाएंगे। यह एक डिजिटल मंच है जो विचारों, भावनाओं और प्रेरणाओं को सजीव बनाता है। इस विमोचन के साथ हम तकनीकी युग में अपनी परंपराओं का दीपक जलाएंगे, और यह संकल्प लेंगे कि संस्कार शाला केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि एक आंदोलन बने— एक ऐसी शाला, जहाँ संस्कारों की गूंज हर पृष्ठ पर सुनाई दे। हम सभी को इस यात्रा का हिस्सा बनने पर गर्व है।  ।।  भारत माता की जय ।। 

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डाबरी एवं ई-विद्या योजना

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  राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डाबरी पं स रामगढ़ (अलवर)   परिचय :- शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है। यह व्यक्ति को न केवल ज्ञान देती है, बल्कि उसे जागरूक, आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से जिम्मेदार बनाती है। ग्रामीण समाज, जो भारत की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा है, वहां शिक्षा का महत्व और भी बढ़ जाता है | विद्यालय ग्रामीण बच्चों को प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक पहुंच प्रदान करते हैं। विद्यालयों में सभी जातियों और वर्गों के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं, जिससे सामाजिक भेदभाव कम होता है विद्यालय बच्चों को नैतिक शिक्षा, अनुशासन, सहिष्णुता और नेतृत्व के गुण सिखाते हैं। आधुनिक विद्यालयों में कंप्यूटर, विज्ञान प्रयोगशालाएँ, खेलकूद आदि के माध्यम से बच्चों में कौशल विकसित किया जाता है। और हमारा उद्देश्य है कि अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी शिक्षित बने यही हमारा ध्येय भी है | वर्तमान युग की विद्या : ई-विद्या  अलवर ई-विद्या प्रोजेक्ट राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य अलवर जिले के सभी 291 पंचायत स्तरीय सरकारी स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करना है। ...